नहीं फूट पाया जो तेरे जुनून का अंकुर मैंने पत्थरों में देखा है, जिंदगी फूटते हुए। नहीं फूट पाया जो तेरे जुनून का अंकुर मैंने पत्थरों में देखा है, जिं...
न तू अजनबी है न मैं तेरे लिए अजनबी रूह से महसूस कर, ज़रा इस रिश्ते को। न तू अजनबी है न मैं तेरे लिए अजनबी रूह से महसूस कर, ज़रा इस रिश्ते को।
हम लाल लहू से जाने जाते हैं पर्वत गिरते हम पार लगाते हैं। हम जीने की कोई खबर नहीं र हम लाल लहू से जाने जाते हैं पर्वत गिरते हम पार लगाते हैं। हम जीने की क...
ए वक्त तू शायद कल ही नया नया आया था कुछ ए वक्त तू शायद कल ही नया नया आया था कुछ
हाय मुझे सुकून मिला ये तो बुरा इक सपना था, लेकिन खा गया मुझे अंदर तक ज़ख़्म इतना ता हाय मुझे सुकून मिला ये तो बुरा इक सपना था, लेकिन खा गया मुझे अंदर तक ज़...
मैं स्वयं पर लिखती हूं मैं मेरी खुद पसंद व्यथा कहती हूं, मैं सशक्त हूं और मुझे मेरे मैं स्वयं पर लिखती हूं मैं मेरी खुद पसंद व्यथा कहती हूं, मैं सशक्त हूं और ...